स्तन में दूध छोड़ने से क्या होता है?HealthPlanet

Posted on Thu 2nd Mar 2023 : 08:51

शिशु के जन्‍म के बाद कम से कम 6 महीने तक शिशु को मां का दूध पिलाना होता है। इसके बाद मां कभी भी स्‍तनपान करवाना बंद कर सकती है।
कुछ मांओं को स्‍तनपान करवाना बंद करने के बाद ब्रेस्‍ट में दर्द होने की शिकायत होती है। अचानक दूध पिलाना बंद करने पर प्‍लग्‍ड डक्‍ट, ब्रेस्‍ट लटकना और मैस्टाइटिस हो सकता है। दूध पिलाना बंद करने पर ब्रेस्‍ट में दर्द होना एक आम बात है।

​ब्रेस्‍ट में दर्द होने का कारण

स्‍तनपान करवाने वाली महिलाओं का शरीर दूध पिलाना बंद करने के कुछ हफ्ते पहले तक दूध बनाता रहता है। दूध छुड़ाने के बाद भी महिलाओं की ब्रेस्‍ट में दूध आता रहता है। इस दूध की वजह से प्‍लग्‍ड डक्‍ट हो जाती हैं जो आगे चलकर मैसटाइटिस का रूप ले लेता है।

इसमें ब्रेस्‍ट में सूजन आ जाती है। अचानक दूध पिलाना बंद करने पर ब्रेस्‍ट लटक सकती है और उसमें दर्द भी हो सकता है।

​ब्रेस्‍ट में दर्द होने के साथ अन्‍य लक्षण

ब्रेस्‍टफीडिंग छुड़वाने पर ब्रेस्‍ट में दर्द होने के साथ एरोला (निप्‍पल के आसपास का हिस्‍सा) में दर्द, दोनों या एक ब्रेस्‍ट में बार-बार दर्द उठना, दूध छुड़वाने के बाद शुरुआती दिनों में तेज दर्द होना (जो समय के साथ धीरे-धीरे कम हो जाए), ब्रेस्‍ट का लटकना या सख्‍त होना, ब्रेस्‍ट टाइट और भारी होना, फ्लू के लक्षण जैसे कि कंपकपी, ठंड लगना, थकान, तेज बुखार, एंग्‍जायटी आदि, निप्‍पल लाल होना, निप्‍पल से दूध रिसने की परेशानी हो सकती है।

अगर मैस्टाइटिस की वजह से स्‍तनों में दर्द हो रहा है तो प्रभावित ब्रेस्‍ट में गरम, सूजन और जलन के साथ सख्‍त महसूस हो सकता है।

​दूध छुड़ाने के बाद कब तक रहता है दर्द

शिशु को दूध पिलाना छुड़ाने के बाद कई हफ्तों या दिनों तक ब्रेस्‍ट में दर्द हो सकता है। कई महिलाओं को शुरुआती दिनों में बहुत तेज दर्द होता है। समय के साथ यह दर्द कम या खत्‍म हो जाना चाहिए। हालांकि, अगर कई दिनों के बाद भी दर्द कम नहीं हो रहा है, तो आप गायनेकोलॉजिस्ट से बात करें।

​इस तरह नहीं होगा दर्द

अगर आप निम्‍न बातों का ध्‍यान रखकर दूध पिलाना छुड़ाएं, तो शायद आपको दर्द नहीं होगा।

दिन-ब-दिन दूध पिलाने की संख्‍या कम करती जाएं।
असहजता कम होने तक ब्रेस्‍ट के दूध को पंप से निकालती रहें।एक ही बार में ज्‍यादा दूध निकालने की कोशिश करने से ब्रेस्‍ट में दूध कम होने की बजाय बढ़ सकता है।
इस समय टाइट ब्रा न पहनें क्‍योंकि इसकी वजह से स्‍तनों में सूजन आ सकती है। फिलहाल आप नर्सिंग ब्रा ही पहनें।
डॉक्‍टर की सलाह पर कुछ दवाओं की मदद से भी ब्रेस्‍ट में दूध के उत्‍पादन को कम किया जा सकता है।

स्‍तनपान बंद करना, मां और शिशु दोनों के लिए ही मानसिक और शारीरिक चुनौती होती है। इस समय आपको धैर्य से काम लेना है क्‍योंकि आपके बच्‍चे को भी धीरे-धीरे बोतल से दूध पीने की आदत होगी और इसमें आप दोनों को ही प्रयास करने होंगे। थोड़ी मेहनत और धैर्य से आप दोनों ही इस बदलाव में एडजस्‍ट हो जाएंगे।

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